ᱠᱟᱱᱣᱟ ᱯᱟ.ᱨᱤᱥ ᱟ.ᱲᱟ. | कानवा | Verbs
ᱛᱟᱲᱟᱢ, ᱫᱟ.ᱲ, ᱫᱟᱞ, ᱡᱚᱢ, ᱧᱩ, ᱥᱤᱫ, ᱵᱤᱫ, ᱢᱟᱜ, ᱜᱚᱜ, ᱟ.ᱨᱩᱵ, ᱩᱢ, ᱱᱟ.ᱠᱤᱡᱚᱜ, ᱦᱮᱡ, ᱥᱮᱱ, ᱜᱮᱡ, ᱜᱤᱰᱤ ᱮᱢᱟᱱ ᱟ.ᱲᱟ. ᱠᱚᱫᱚ ᱠᱟ.ᱢᱤ ᱨᱮᱭᱟᱜ ᱠᱟᱛᱷᱟ ᱠᱚ ᱯᱷᱚᱴᱮᱞᱮᱫ-ᱟ ᱾ ᱱᱚᱝᱠᱟᱱ ᱟ.ᱲᱟ. ᱠᱚᱫᱚ ᱠᱟᱱᱣᱟ ᱯᱟ.ᱨᱤᱥ ᱟ.ᱲᱟ. ᱠᱟᱱᱟ ᱿
[ ᱠᱟᱱᱣᱟ ] कानवा/ कामवा ( क्रिया)जाहां साबात् ते जाहांन का़मी कोराव आर बाड. हुयुक् रेयाक् बुझा़क् आ । ओना दो कानवा को मेताग्आ।
( जिससे किसी काम का करना या होने पाया जाए उसे क्रिया कहते है । )
[ ᱠᱟᱱᱣᱟ ᱨᱮᱱᱟᱝ ᱦᱚᱲᱢᱚ ᱦᱟ.ᱴᱤᱧᱼᱼᱼ
᱑. ᱮᱱᱮᱫ ᱠᱟᱱᱣᱟ
᱒. ᱚᱱᱚᱜ ᱠᱟᱱᱣᱟ ]
कानवा रेनाड. हा़टीञ ---
(अ) एनेत् कानवा ( सकमर्क क्रिया) ---
जाहां कानवा रेयाक् ओरजो का़मी चेतान रे पाडा़क् -आ । ओना दो एनेत् कानवा को मेताक् -आ ।
( जिस क्रिया का फल कर्त्ता पर न पड़कर किसी दुसरे पर पड़ता हो, उसे सकमर्क क्रिया कहते हैं। )
जाहांलेका --- कारान दाकाय जोमेद्आ
इञ दो चा़य इञ ञुयेदा ।
चेतान रेयाग् ओल रे जोम आर ञु दो कानवा काना। चेतान रेयाग् काथा लेकाते कानवा रेयाक् पोरभाव (ओरसओड.) चा आर दाका रे ञेलोग् काना।
ओनाते नोवा दो एनेत् कानवा काना।
( आ ) ओनोक कानवा ( अकमर्क क्रिया ) ---
जाहां कानवा रेयाक् ओरजो का़मियिच् चेतान रे पाड़ाक-आ। ओना दो ओनोक् कानवा को मेताक् काना।
( वाक्य में जिस क्रिया के प्रयोग में कर्म की आवश्यकता नहीं होती अकर्मक क्रिया कहलाती है। )
जहांलेका--- सोहन ए जापित् आकादाय ।
इंञिञ गा़दुरोक काना।
चेतान रेयाक् काथा रे जापित् आर गा़दुर कानवा काना। बानार काथा रे कानवा रेनाड. पोरभाव ( ओरसोड.) का़मियिच् चेतान रे पाड़ाक-आ। ओनाते नोवा दो ओनोक कानवा बो मेताग्आ ।।
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