HeadAds

Thursday, 3 November 2022

Santalo ka udbhaw or Bikash | संतालों का उद्भव और विकास

 


संतालों का उद्भव और विकास के संबंध में कहा जाता है कि संतालों का जन्म हिहिड़ी- पिपिड़ी देश में हुआ है। हिहिड़ी - पिपिड़ी में प्रथम मानव पिलचू हाड़म आर पिलचू बुढ़ी के द्वारा मानव जाति का निव रखा गया । कहा जाता है कि प्रथम मानव का जन्म हंस - हंसिली के दो कण्डों से हुवा था । पिलचू हाड़म आर बुढ़ी के 7 पुत्र और पुत्री थे । पुत्र --  सेनदरा, सानदोम, चारे, माने, आचारे, डेला और लिटा़ ! सात पुत्री -- छिता़, का़परा़, हिसी, डुमनी, दानगी, पुंडगी और नासों जन्मे थे ।
संताल समुदाय के लोग अपने को होड़ के नाम से संबोधित करते थे उन्होंने
 हिहिड़ी --पिपिड़ी अथार्त  भूमध्यसागर के सिसिली द्वीप
खोजकामान --- काजिकास्तान
हाराराता --- हारेत अफगानिस्तान
सासाड.बेडा --- लोहित सागर
कान्डाहारी --- कांद्धार अफगानिस्तान
चा़य दिशोम --- पाकिस्तान
एयाय दिनों --- सिंधु नदी
बादोली --- गुजरात
जा़रपी दिशोम --
आयरे दिशोम
कोयंडा दिशोम
चम्पा दिशोम में रहे थे ! 
काफी प्रगति होने से पूवर्जों का स्वर्ण युग चा़य-चम्पा को कहा गया ।
उनके बाद सासाड. बेड़ा में गोत्र विभाजित किया गया ---
गोत्र -------  गाढ़  -------  उपनाम
हांसदा:-- कुटामपुरी गाढ़ -- पुरुधुल
मारडी -- बादोगाढ़ -- किसा़ड़ 
सोरेन -- चा़ईगाढ़ -- सिपा़ही 
हेम्ब्रम -- खैरीगाढ़ -- बाडोही 
टुडू  -- लुकाईबा़ड़ीगाढ़ -- रुसिका
किस्कु -- कोयडागाढ़ -- रापाज 
बास्के -- हारबालोयोड.गाढ़ -- बेपारी
बेसरा -- चाईमोड़गाढ़ -- नाचोनिया़ / बायार
चोंडे़  -- दुगधा
पा़वरिया़ -- पावडागाढ़
गोंडवार -- राहेड़ गाढ़ 
मुर्मू -- चाम्पा गाढ़ -- ठा़कुर 


No comments:

Post a Comment

DisplayAds1

Popular Posts

Wikipedia

Search results

FeedAds